ISPSoft
Programming Steps. सबसे पहले ISPSoft 3.0.2 को इंस्टाल करना है और साथ मे Delta IA-PLC_COMMGR-V1-06 या 07 को भी इनस्टॉल करना है उसके बाद Commgr को ओपन कर के plc को configure करना है पीएलसी कॉन्फ़िगर होने के बाद Commgr को minimize कर देना है बंद नही करना है और फिर ISPSoft को Open करना है open करने के बाद. File~New
file~Programe~New. नई फ़ाइल बनाने के बाद बाई तरफ एक छोटा सा pop up window खुल के आएगा, (एक बात का धियान रखना है कि नई फ़ाइल creat करते समय plc का type और उस plc का controller टाइप जरूर select करना है other wise plc प्रोग्राम को read या write नही कर पायेगी।) बाई तरफ popup विंडो में एक option है प्रोग्राम उसपर right क्लिक करके new को select करना है उसके बाद एक नई विंडो फिरसे बन के आएगी उस विडो पर आपको प्रोग्राम बनाना है ये प्रोग्राम lader logic में बनेगा. और फिर आप को पीएलसी के इंस्ट्रक्शन कमांड को फॉलो करना है
About a Transducers. ट्रांसड्यूसर का मतलब है एक एनर्जी को दोसरे एनर्जी में बदलना। ये तो होता है किताब का परिभाषा but मेरे language में ट्रांसड्यूसर एक दुनिया को दूसरे दुनिया से जोड़ने का पुल है। क्योंकि बिना ट्रांसड्यूसर के हम एक एनर्जी फॉर्म को दूसरे एनर्जी फॉर्म में बदल ही नही सकते मतलब इलेक्ट्रान के flow को अगर हमें डिस्प्ले पर देखना है तो हमे एक ऐसे मध्यम की जरूरत होती है जो उस इलेक्ट्रान को हमारी आंखों के पढ़ने के लायक बना सके। हम हिंदी समझते जरूर है पर हमारा दिमाग का अपना एक अलग लैंग्वेज है वो उसको हमे समझने के लायक करता है उसी तरह से ट्रांसड्यूसर भी एक एनर्जी को दूसरे फॉर्म में बदलता है। अब बात करते है सबसे सिंपल ट्रांसड्यूसर की , आजकल सभी लोग ऑटो रिक्शा में सफर करए है अबतो फिलहाल इलेक्ट्रिकल हॉर्न चलता है पहले के रिक्शा ड्राइवर हाथ से दबाने वाला हॉर्न इस्तेमाल करते थे वो हॉर्न सबसे अच्छा example है ट्रांसड्यूसर को समझने के ...
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